म्यांमार में भूकंप के हुई भीषण तबाही में अब तक 1644 लोगों की मौत हो चुकी है। अब भी मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। वहां आलम यह है कि लोगों के लिए अस्पतालों में जगह कम पड़ गई है। सड़कों पर उनका इलाज किया जा रहा है। भारत ने संकट की इस घड़ी में सबसे पहले मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं।

म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में तीसरे दिन भी इमारतों के मलबे से कई शव निकल रहे हैं। मृतकों की संख्या 1,644 पहुंच गई है। उधर, देशभर में फोन, बिजली व इंटरनेट बंद होने से सूचनाएं भी रुक गई हैं। अभी मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। सेना के नेतृत्व वाली सरकार ने कहा, भूकंप में 2,376 लोग घायल हैं। 30 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
शुक्रवार को आए भूकंप के चलते कई इमारतें ढहने से व्यापक क्षति हुई है। म्यांमार लंबे समय से चल रहे गृहयुद्ध की चपेट में है, और वहां पहले से ही एक बड़ा मानवीय संकट बना हुआ है। ऐसे में राहत-बचाव कार्यों में काफी मुश्किल हो रही है।