प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियां बन रही हैं और साल के अंत तक पहली मेड इन इंडिया चिप बाजार में आ जाएगी। भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा और अंतरिक्ष से लेकर खेल क्षेत्र तक कई बड़े सुधार किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, हम ‘मेड इन इंडिया 6जी’ पर तेजी से काम कर रहे हैं। हम सब जानते हैं कि भारत में सेमीकंडक्टर का निर्माण 50-60 साल पहले शुरू हो सकता था, लेकिन हम वह अवसर चूक गए और यह सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा। लेकिन आज हमने यह स्थिति बदल दी है। अब भारत में सेमीकंडक्टर की फैक्ट्रियां बन रही हैं और इस साल के अंत तक पहले मेड इन इंडिया चिप बाजार में आएगा।
भारत के बैंक पहले कहीं ज्यादा मजबूत’
प्रधानमंत्री ने कहा, आज हमारा व्यापार घाटा घटकर 4.4 फीसदी पर आने की उम्मीद है, जबकि हमने कोरोना जैसी बड़ी चुनौती का सामना किया है। आज हमारी कंपनियां पूंजी बाजार से रिकॉर्ड फंड जुटा रही हैं। हमारे बैंक पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं। महंगाई बहुत कम है, ब्याज दरें कम हैं। हमारा चालू खाता घाटा नियंत्रण में है। विदेशी मुद्रा भंडार भी बहुत मजबूत है। इतना ही नहीं, हर महीने लाखों घरेलू निवेशक एसआईपी के जरिए बाजार में हजारों करोड़ रुपये निवेश कर रहे हैं।
’11 वर्षों में पूरे हुए 60 से अधिक अंतरिक्ष मिशन’
मोदी ने आगे कहा, आपको यह जानकर खुशी होगी कि पिछले 11 वर्षों में 60 से ज्यादा अंतरिक्ष मिशन पूरे हो चुके हैं। अभी कई और मिशन कतार में हैं। इस साल हमने ‘स्पेस डॉकिंग’ की क्षमता भी हासिल की है। यह हमारे भविष्य के मिशनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा, अब भारत ‘गगनयान मिशन’ के जरिए अपने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी कर रहा है और इसमें ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के अनुभव से हमें बहुत मदद मिलने वाली है… हम छोटे-मोटे बदलाव नहीं, बल्कि बड़े परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमारे लिए सुधार कोई मजबूरी या संकट की स्थिति से उत्पन्न कदम नहीं है। यह हमारी प्रतिबद्धता और हमारा विश्वास है।
उन्होंने आगे कहा, संसद का मानसून सत्र अभी समाप्त हुआ है। इस सत्र में आपने सुधार की निरंतरता देखी होगी। विपक्ष के बार-बार के व्यवधानों के बावजूद हमने पूरे समर्पण के साथ सुधार कार्य जारी रखा। इस सत्र में ‘जन विश्वास विधेयक 2.0’ पारित हुआ है। यह विश्वास पर आधारित और जन-हितैषी शासन से जुड़ा बड़ा सुधार है।