मिडिल ईस्ट देश के सुल्तान पहली बार भारत पहुंचे..पीएम मोदी से हुई मुलाकात, आखिर क्या है इरादा?

मिडिल ईस्ट देश ओमान के सुल्तान अपनी राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे हैं. ओमान के सुल्तान के रूप में भारत की उनकी पहली यात्रा है. पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने उनका भव्य स्वागत किया है. पीएम मोदी और सुल्तान हैथम बिन तारिक ने शनिवार को लगभग 10 प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने के लिए एक दृष्टि पत्र तैयार किया और अपनी ‘‘सार्थक’’ बातचीत के दौरान जल्द से जल्द एक व्यापार समझौते को संपन्न करने पर जोर दिया. मोदी और तारिक ने हमास-इजराइल संघर्ष से उत्पन्न स्थिति और आतंकवाद की चुनौती के अलावा आगे बढ़ने के रास्ते के रूप में फलस्तीन मुद्दे पर दो-राष्ट्र समाधान के प्रयास को लेकर भी चर्चा की. 

बातचीत में क्या सामने आया

दरअसल, प्रेस वार्ता में विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने मोदी और तारिक के बीच हुई चर्चा को ‘‘व्यापक और रचनात्मक’’ बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और ओमान के सुल्तान ने समुद्री क्षेत्र, कनेक्टिविटी, हरित ऊर्जा, अंतरिक्ष, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, पर्यटन और कृषि और खाद्य सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक संयुक्त दृष्टि पत्र को अपनाया. क्वात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और सुल्तान तारिक ने भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया. 

भव्य स्वागत हुआ
खास बात है कि ओमान के सुल्तान शुक्रवार को राजकीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे, जो खाड़ी देश के शीर्ष नेता के रूप में भारत की उनकी पहली यात्रा है. प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में शुरुआती वक्तव्य में कहा, ‘‘ओमान के सुल्तान के 26 साल बाद भारत की राजकीय यात्रा करने के कारण भारत-ओमान संबंधों में आज एक ऐतिहासिक दिन है. मैं भारत के सभी लोगों की ओर से आपका हार्दिक स्वागत कर रहा हूं.

उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ओमान रणनीतिक साझेदार हैं तथा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि हुई है. बता दें कि विदेश मंत्रालय ने इस सप्ताह की शुरुआत में ओमान के सुल्तान की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा था, ‘महामहिम सुल्तान हैथम बिन तारिक की भारत की यह पहली राजकीय यात्रा भारत और ओमान सल्तनत के बीच राजनयिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है

दोनों देशों के बहुत पुराने संबंध
इस यात्रा के बारे में विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देशों के बीच 1955 में राजनयिक संबंध कायम हो गए थे. ये रिश्ते 2008 में रणनीतिक रिश्तों में बदल गए थे. सुल्तान का ये दौरा इसलिए भी अहम है कि ये भारत का उनका पहला राजकीय दौरा है. ओमान में बड़े पैमाने पर भारतीय प्रवासी रहते हैं. यहां सात लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं. ओमान के आर्थिक विकास और सांस्कृतिक विविधता में उनका अहम योगदान है. इरादा यही है कि ये संबंध और प्रगाढ़ होते चले जाएं.

May 27, 2026
11:59 am

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