कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) के नाम को बदलने की कड़ी आलोचना की. भाजपा की ओर से प्रस्तावित ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन’ को लेकर थरूर ने कहा कि गांधी का नाम हटाना अनैतिक है.
लोकसभा में बोलते हुए तिरुवनंतपुरम के सांसद ने जी राम जी नामक नए विधेयक का विरोध किया जिसमें 25 अतिरिक्त दिनों का सवैतनिक कार्य प्रदान करने का प्रावधान है. बता दें, इसके वित्तीय बोझ का 40 प्रतिशत राज्यों पर डाला जा रहा है. थरूर ने कहा कि यह कदम गरीबों और मजदूरों के लिए नहीं बल्कि सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए उठाया जा रहा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने यह भी आरोप लगाया कि महात्मा गांधी का नाम हटाना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है और यह देश के सामाजिक न्याय की दिशा में एक नकारात्मक कदम साबित होगा. इस बीच, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि सच तो यह है कि स्कीम का नाम बदलने की आड़ में वे (केंद्र सरकार) इस स्कीम को खत्म करना चाहते हैं. वे इस स्कीम का नाम क्यों बदलना चाहते हैं? महात्मा गांधी राष्ट्रपिता हैं.
