अल नीनो और सूखे की आंशका को लेकर केंद्र अलर्ट: केंद्रीय गृहमंत्री और कृषि मंत्री की बैठक, जानें क्या दिए आदेश?

देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश और अल नीनो के संभावित प्रभावों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसके साथ ही बैठक में असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ एवं भूस्खलन से हुए नुकसान के आकलन के लिए अंतर-मंत्रालयी टीम भेजने का फैसला किया गया।

जून के महीने में देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश और संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान शाह ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को सतर्क रहने तथा खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर किसानों को समय पर और सही सलाह देने के लिए राज्य सरकारों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

अल नीनो की आशंका पर गृहमंत्री ने क्या कहा? 
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अमित शाह ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ देश के कुछ हिस्सों में अल नीनो के कारण सामान्य से कम बारिश और उसके संभावित प्रभावों की समीक्षा की। बैठक में किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने, सभी जलाशयों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और कम पानी में होने वाली फसलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। जून महीने में देशभर में सामान्य से करीब 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक असर मध्य भारत में देखने को मिला, जहां वर्षा में 50.4 प्रतिशत की कमी रही। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई में भी औसत मासिक वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है।

खरीफ की बुवाई पर कितना पड़ा असर?
कम बारिश का असर खरीफ फसलों की बुवाई पर भी दिखाई दिया। 25 जून तक खरीफ फसलों का रकबा 23 प्रतिशत घटकर 182.72 लाख हेक्टेयर रह गया। इस दौरान अमित शाह ने कहा, ‘सरकार अल नीनो के कारण देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश और संभावित सूखे की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। ऐसे में अधिकारी राज्य सरकारों के साथ समन्वय बनाकर किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त फसलें बोने की सलाह दें।

जल और बिजली मंत्रालय के अधिकारियों को क्या निर्देश? 
बैठक में गृह और कृषि सचिवों के अलावा विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शाह ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को देशभर के सभी जलाशयों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चारा, मोटे अनाज (मिलेट्स) और दालों जैसी कम पानी में उगाई जाने वाली वैकल्पिक फसलों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। गृह मंत्री ने बिजली सचिव को किसानों और आम उपभोक्ताओं के लिए निर्बाध एवं पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान अमित शाह ने बताया कि देश में चावल और गेहूं सहित आवश्यक खाद्यान्नों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा आवश्यक वस्तुओं की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं।

इन मंत्रालयों और एजेंसियों ने लिया हिस्सा
बैठक में जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, उपभोक्ता मामले विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, बिजली मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव शामिल हुए। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिकारी, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक, केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान तथा राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (National Remote Sensing Centre) सहित कई संस्थानों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।

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July 3, 2026
12:53 am

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