मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने वर्ष 2025 तक राज्य के प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह से डिजिटल और नागरिक-अनुकूल बनाकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. पंजाब आज देश का ऐसा राज्य बनकर उभरा है जहाँ ‘सरकार दफ्तरों से नहीं, बल्कि लोगों के घरों से’ चल रही है. प्रशासनिक सुधारों की इस लहर ने न केवल सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही तय की है, बल्कि दशकों से चली आ रही ‘सिफारिश और देरी’ की संस्कृति को भी जड़ से उखाड़ फेंका है.
Related Posts
बांग्लादेश में हिंसा को देखते हुए भारत ने गठित की कमेटी; भारतीयों की सुरक्षा के लिए करेगी काम
बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार की खबर के बाद गृह मंत्रालय ने एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी बांग्लादेश में रहने वाले भारतीयों, हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर वहां के गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ वार्ता करेगी। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश […]
कोई बुराई पर उतर आए तो राजा का कर्तव्य है प्रजा की रक्षा और वह अपना कर्तव्य करें- संघ प्रमुख भागवत
पहलगाम हमले के बाद पूरे देश में गुस्सा है। इस बीच, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आतंकियों को सबक सिखाने की बात कही है। उन्होंने राजधानी दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि हमारा मूल धर्म अहिंसा है, लेकिन कुछ लोग नहीं बदलेंगे, चाहे कुछ भी करो। पहलगाम हमले के बाद संघ […]
शाहरुख खान पर भारी पड़ा जॉन अब्राहम का एक्शन, सलमान का कैमियो फिल्म का बेस्ट पार्ट
आज शाहरुख खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म पठान रिलीज हुई है। फिल्म को लेकर फैंस में जबर्दस्त क्रेज देखा जा रहा है। एडवांस बुकिंग के मामले में भी पठान ने KGF-2 के 5 लाख टिकट बुकिंग के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। वहीं, दूसरी तरफ फिल्म का विरोध भी जारी है। दैनिक भास्कर के मूवी […]
