चुनाव आयोग ने देशव्यापी एसआईआर को लेकर बड़ा एलान किया है। चुनाव आयोग के अनुसार, एसआईआर के दूसरे चरण में 12 राज्यों में अभियान चलाया जाएगा। इसमें मतदाता सूची में सुधार, नए मतदाताओं का समावेश और सूची में त्रुटियों का निवारण किया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर का फेज-1 खत्म हो गया है, अब इसका दूसरा चरण शुरू होगा। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण सफल तरीके से किया गया है। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने आगे कहा कि बिहार के लोगों ने एसआईआर पर भरोसा जताया है। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे फेज में देश के 12 राज्यों में यह अभियान चलाया जाएगा।
दूसरे चरण के एसआईआर के प्रक्रिया की प्रमुख तारीखें
- मुद्रण/प्रशिक्षण – 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025
- घर-घर गणना चरण – 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025
- ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025
- दावे और आपत्ति अवधि – 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026
- सूचना चरण (सुनवाई और सत्यापन) – 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026
- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026
चुनाव आयुक्त ने कहा कि जिन राज्यों में एसआईआर क्रिया पूरी की जाएगी, उन सभी राज्यों की मतदाता सूचियां आज रात 12 बजे फ्रीज कर दी जाएंगी। उस सूची के सभी मतदाताओं को बीएलओ द्वारा विशिष्ट गणना प्रपत्र दिए जाएंगे। इन गणना प्रपत्रों में वर्तमान मतदाता सूची के सभी आवश्यक विवरण होंगे। बीएलओ द्वारा मौजूदा मतदाताओं को प्रपत्र वितरित करने के बाद, जिन सभी के नाम गणना प्रपत्रों में हैं, वे यह मिलान करने का प्रयास करेंगे कि क्या उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में था। यदि हां, तो उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है। यदि उनका नाम नहीं, बल्कि उनके माता-पिता का नाम सूची में था, तो भी उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं है… 2002 से 2004 तक की एसआईआर (SIR) मतदाता सूची http://voters.eci.gov.in पर कोई भी देख सकता है और वे स्वयं मिलान कर सकते हैं।
इन 12 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा एसआईआर
पूरे देश में एसआईआर चरणबद्ध तरीके से होगा। जिन 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश में एसआईआर किया जाना है। इसमें अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुद्दुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इन राज्यों में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 51 करोड़ हैं, जबकि यहां 5 लाख 33 हजार से ज्यादा पोलिंग स्टेशन और बीएलओ तैनात किए जाएंगे।
’21 साल पहले किया गया था आखिरी एसआईआर’
इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि देश में 21 साल पहले आखिरी विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था। उन्होंने साफ किया कि एसआईआर में सभी योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाएगा और अयोग्य मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर किया जाएगा। सीईसी ने आगे कहा कि चुनावों से पहले एसआईआर किया जाना सबसे ज्यादा जरूरी है।
एसआईआर में क्या-क्या किया जाएगा?
उन्होंने बताया कि हर घर पर बीएलओ तीन बार जाएंगे और मतदाताओं की जानकारी जुटाएंगे। इस दौरान बीएलओ की जिम्मेदारी होगी कि कोई भी योग्य मतदाता इस अभियान न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता नहीं जुड़े। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि जिन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया होनी है, वहां आज रात 12 बजे से मतदाता सूची फ्रीज हो जाएगी। उन्होंने ये भी बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान दूसरे राज्यों में प्रवास करने वाले मतदाता ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त
क्या है एसआईआर का उद्देश्य?
विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची में सुधार करना और इसमें नए मतदाताओं का समावेश करना है। इसमें नामों की जांच, पुराने मतदाताओं की पुष्टि, और आवश्यक संशोधन शामिल होंगे। आयोग ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। एसआईआर के तहत मतदाता सूची में त्रुटियों को दूर कर नए मतदाताओं को शामिल किया जाएगा, जिससे चुनावों में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
2026 में इन राज्यों में होने है विधानसभा चुनाव
बता दें कि देश के पांच राज्यों में साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसमें असम, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। हालांकि, जिन राज्यों में इस समय स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं या होने वाले हैं, वहां फिलहाल यह प्रक्रिया नहीं होगी, क्योंकि स्थानीय स्तर का प्रशासन चुनावी कामकाज में व्यस्त रहेगा।
