इंडिगो फ्लाइट संकट की बीच एयरलाइन ने DGCA की नोटिस का जवाब दिया है। इंडिगो ने कहा कि हमें इस घटना पर अफसोस है और अपने कस्टमर्स से माफी मांगते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) फेज II की चुनौतियों के बारे में DGCA से बात कर रहे थे।
एयरलाइन के मुताबिक दिक्कतें दिसंबर की शुरुआत में शुरू हुईं, जब कुछ कारणों की वजह से ऑन-टाइम नेटवर्क परफॉर्मेंस कम हो गया। इसी के साथ क्रू की उपलब्धता पर भी असर पड़ा। सारी परेशानियों के दूर करने के लिए 5 दिसंबर को पूरा सिस्टम रीबूट किया।
वहीं सोमवार को कंपनी ने दावा किया कि उन्होंने 100% नेटवर्क रीस्टोर कर लिया है। 91% फ्लाइट्स ऑनटाइम ऑपरेट हो रही हैं जो रविवार से 75% ज्यादा है। इसी बीच सोमवार को ही इंडिगो की 500 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुईं।
उधर, राज्यसभा में सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि इंडिगो संकट उसके क्रू रोस्टरिंग और इंटरनल प्लानिंग सिस्टम में समस्याओं के कारण हुआ। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतें हुईं। हम इसे हल्के में नहीं लेंगे। जांच जारी है। हम ऐसा एक्शन लेंगे जो दूसरों के लिए मिसाल बने।
इंडिगो ने DGCA को जवाब में कहा- असल वजह पता नहीं
इंडिगो ने DGCA को जारी जवाब में कहा कि इस समय ऑपरेशन में आई मुश्किलों की असल वजहों का पता लगाना मुमकिन नहीं है। DGCA के मैनुअल में SCN के लिए पंद्रह दिन का जवाब देने का टाइमलाइन है, जिससे पता चलता है कि एक पूरा रूट कॉज एनालिसिस(RCA) करने के लिए और समय चाहिए।
इंडिगो ने बताया किन वजहों से समस्या हुई
- टेक्निकल गड़बड़ियां
- सर्दियों के मौसम से जुड़े शेड्यूल में बदलाव
- खराब मौसम
- एविएशन सिस्टम में ज्यादा भीड़
- अपडेटेड क्रू रोस्टरिंग नियमों को लागू करना और चलाना
सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इन्कार किया
सुप्रीम कोर्ट ने इंडिगो के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि भारत सरकार पहले ही इस मुद्दे पर एक्शन ले चुकी है। मामले की सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।
