भारत और जापान ने पहली रक्षा सह-विकास परियोजना के तहत अत्याधुनिक नेवल रेडियो एंटीना के संयुक्त निर्माण पर सहमति जताई है। यह तकनीक भारतीय नौसेना की निगरानी, सुरक्षित संचार और दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाने की क्षमता बढ़ाएगी। दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए रणनीतिक तेल भंडारण, आपातकालीन आपूर्ति और ऊर्जा बाजार स्थिरता पर भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।

भारत और जापान अब मिलकर भविष्य के अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों का निर्माण करेंगे। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी जापानी समकक्ष सनाए ताकाइची के बीच हुई वार्ता में दोनों देशों ने अपनी पहली रक्षा सह-विकास परियोजना के तहत नेवल रेडियो एंटीना के संयुक्त निर्माण की घोषणा की गई।
क्या है यह तकनीक?
नेवल रेडियो एंटीना किसी भी युद्धपोत की आंख और कान होता है। जापान के साथ जिस विशिष्ट तकनीक पर समझौता हुआ है, उसे तकनीकी भाषा में यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना कहा जाता है। यह किसी मिसाइल या तोप से हटकर एक आधुनिक रडार और संचार प्रणाली है। दिखने में यह एक गुंबद या ऊंचे खंभे जैसा होता है, जिसे युद्धपोत के सबसे ऊपरी हिस्से पर फिट किया जाता है। इसके भीतर कई तरह के रडार, रेडियो संचार व इलेक्ट्रॉनिक निगरानी उपकरण एक ही ढांचे में समाहित होते हैं।
दोनों देशों में सामरिक तेल भंडारण पर भी बनी सहमति
भारत और जापान ने मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए संयुक्त वक्तव्य जारी किया। भारत के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय ने मिलकर सहयोग बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की। दोनों देशों ने कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के रणनीतिक भंडारण, आपातकालीन आपूर्ति व्यवस्था और ऊर्जा बाजार स्थिरता के क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत उत्पादक देशों के साथ समन्वय, आपातकालीन प्रतिक्रिया और बाजार को स्थिर बनाए रखने के उपायों पर मिलकर काम किया जाएगा।
