विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के प्रति राष्ट्रपति ह्लाइंग के सकारात्मक रुख की सराहना की।

जयशंकर ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति के बीच बैठक का इंतजार कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग को और आगे बढ़ाया जा सकेगा।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर जयशंकर ने लिखा, आज नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात कर खुशी हुई। भारत और म्यांमार के लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना करता हूं। शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए हमारी साझेदारी को आगे बढ़ाने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक का इंतजार है।
ह्लाइंग के भारत दौरे पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
मिन आंग ह्लाइंग बोधगया में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद नई दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया।
रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा, बोधगया से नई दिल्ली पहुंचने पर म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का हार्दिक स्वागत है। हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।
इससे पहले शनिवार को म्यांमार के राष्ट्रपति ने महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की। रणधीर जायसवाल ने कहा कि उनकी यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच साझा बौद्ध विरासत को दर्शाती है। उन्होंने कहा, म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने आज बोधगया का दौरा किया और पवित्र महाबोधि मंदिर में प्रार्थना की। यह यात्रा दोनों देशों के बीच गहरे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है, जो साझा बौद्ध विरासत पर आधारित हैं और पीढ़ियों से दोनों देशों के लोगों को जोड़ते आ रहे हैं।
राष्ट्रपति बनने के बाद पहला भारत दौरा
म्यांमार के राष्ट्रपति की यह यात्रा 30 मई से 2 जून तक चलेगी। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। उनके साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख कारोबारी नेताओं का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है।
