पीएम मोदी रविवार को कोलकाता में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह शामिल हुए। उन्होंने कहा- हमारा लक्ष्य 40 साल की उम्र में 20 साल की उम्र से ज्यादा लचीले होना, 50 साल की उम्र में 30 से ज्यादा ऊर्जावान और 70 की उम्र में 50 साल से ज्यादा स्वस्थ रहना होना चाहिए।

पीएम ने कहा कि योग दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव बन चुका है, जो लोगों, देशों और संस्कृतियों को एक साथ जोड़ता है। उन्होंने कहा कि 21 जून, जो पृथ्वी का सबसे लंबा दिन माना जाता है, अब पूरी दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पीएम के साथ कोलकाता के ऐतिहासिक ‘रेड रोड’ पर हजारों लोगों ने योग किया। पीएम ने ताड़ासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन, त्रिकोणासन सहित 5 आसन किए। कॉमन प्रोटोकॉल योग सत्र के दौरान पीएम लोगों के बीच पहुंचे और उनकी योग मुद्राओं को सुधारने में मदद करते नजर आए।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” यानी बढ़ती उम्र के लिए योग है। इस थीम का मकसद यह बताना है कि योग सिर्फ फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर, मन और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का भी तरीका है।
पीएम की स्पीच की 4 बड़ी बातें; कहा- योग बैलेंस जीवन की कला सिखाता है
- 50 की उम्र में 30 जैसी एनर्जी जरूरी: जब हम हेल्दी एजिंग (उम्र बढ़ने के साथ सेहतमंद रहने) के लिए योग की बात करते हैं,तो इसका मतलब है- उम्र बढ़ने से क्षमता कम न हो। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि 40 की उम्र में 20 जैसे लचीले हों। 50 की उम्र में 30 से ऊर्जावान रहें। 70 की उम्र में 50 जैसा दिखें और स्वस्थ रहें। इसीलिए ‘हेल्दी एजिंग के लिए योग’ थीम को सिर्फ बुजुर्गों के लिए नहीं, बल्कि सभी उम्र के लोगों के लिए देखा जाना चाहिए।
- सबको जोड़ता है योग: विश्व के अलग-अलग हिस्सों से योग की एक से एक अद्भुत तस्वीर आ रही है। पूरा देश योग की उर्जा के चैत्नय से भरा हुआ नजर आ रहा है। पूरा विश्व एक-दूसरे से जुड़ा हुआ दिख रहा है। यही तो योग की ताकत है। योग सबको जोड़ता है। योग सबको साथ लाता है।
- योग सबके लिए: योग जब स्वभाव में आता है तो मानवीय एकता का आधार पर बन जाता है। योग केवल शारीरिक श्रम का साधन नहीं है। यह किसी एक आयु वर्ग के लिए सीमित नहीं है। योग सबके लिए है।
- योग स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी: आज के आधुनिक समय में लोग जीवन के असतुंलन से जूझ रहे हैं। उन्हें मशक्कत करनी पड़ रही है। योग बैलेंस जीवन जीने की कला सिखाता है। जब हम हमारे शरीर को सही तरीके से चलाना सीख लेते हैं तो स्वास्थ्य हमारा स्वभाव बन जाता है। योग केवल शरीर के स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य का मार्ग भी दिखाता है।
