ईरान के आसमान में जो बारूद फट रहा है, उसकी गूंज यूरोप के ड्रॉइंग रूम तक पहुंच गई है. आज ईरान के बहाने ‘अमेरिका बनाम यूरोप’ का युद्ध छिड़ चुका है. आज आपको बताएंगे कि कैसे अमेरिका और उसके सबसे वफादार दोस्त ब्रिटेन के बीच ‘तलाक’ जैसी नौबत आ गई है और क्यों फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक ऐसी ‘परमाणु प्रतिज्ञा’ ली है, जिसने पेंटागन में हड़कंप मचा दिया है.
यूरोप को अमेरिका पर भरोसा नहीं
इसका मतलब है कि यूरोप अब अमेरिका के ‘Nuclear Umbrella’ यानी उस ‘परमाणु छतरी’ पर भरोसा नहीं करता, जो दूसरे विश्व युद्ध के बाद से उसकी सुरक्षा की गारंटी थी. ट्रंप की ‘अविश्वसनीयता’ ने यूरोप को डरा दिया है. उन्हें लगता है कि अगर ट्रंप ने NATO का प्लग खींच दिया, तो यूरोप का क्या होगा?
